Monday, July 4, 2011

गंगा के लिए 1083 दिन से अनशन कर रहा संत


गंगा को बचाने के लिए बनारस के संत बाबा नागनाथ करीब तीन साल (1083 दिन) से अनशन कर रहे है। हालांकि हालत बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती बाबा इन दिनों आक्सीजन पर टिके हैं, लेकिन उनका अनशन जारी है। बेहतर उपचार के लिए बीएचयू जाने से इंकार कर चुके संत का कहना है गंगा रक्षा के लिए जान देने से गुरेज नहीं। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही दिल्ली में जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करूंगा। गंगा रक्षा के संकल्प के साथ सिर्फ पानी के सहारे दिन काटने वाले बाबा नागनाथ ने टिहरी में बंधी गंगा को मुक्त कराने के लिए तीन साल से भी ज्यादा समय पहले अनशन शुरू किया। इस दौरान सात मर्तबा अस्पताल पहुंचाना पड़ा है। उपचार हुआ, डिस्चार्ज हुए, फिर अनशन शुरू। पुन: अस्पताल पहुंचाना पड़ा, फिर भर्ती, कुछ दिनों बाद फिर डिस्चार्ज लेकिन कुछ दिनों बाद फिर अस्पताल में। आम दिनों में श्मशाननाथ मंदिर के चबूतरे पर धूनी रमाए रहने वाले बाबा नागनाथ की दशा ने धर्मभीरुओं को विचलित कर रखा है। हालांकि संत समाज उनकी सुधि लेता रहता है, भक्त जन पहुंचते रहते हैं लेकिन हुक्मरानों को फुर्सत कहां। राष्ट्रीय नदी के नाम पर अरबों-अरब का खेल करने वाले सरकारी सिस्टम के पास इतनी संवेदना भी नहीं कि वह बाबा नागनाथ का हाल पूछे|

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